Saturday, August 11, 2012

अधिकार मेरा नभ पर होना


गर कंधों पे है पर होना
अधिकार मेरा नभ पर होना
उड़ जाएँगे कोना कोना
अधिकार मेरा नभ पर होना

जल पे थल पे और अचल पे
मै मर्ज़ी का मालिक हू
चल आ छितिज तक दौड लगा
हम नापेंगे कोना कोना
अधिकार मेरा नभ पर होना

: शशिप्रकाश सैनी 

Thursday, July 5, 2012

प्रयाग राज





वो लकीर जो नावों की दिख रही है
वो त्रिवेणी संगम है
पाप धोने आना है
तो निरछल हो जाना है
तब पुण्य कमाना है 

: शशिप्रकाश सैनी