Sunday, June 23, 2013

Sharing my knowledge about Varanasi with tourist




बनारस की जानकारी सैलानियों से साँझा करता मै

कचौड़ी गली और जलेबी भी ली 
ठठेरी बजार में रबड़ी मिली 
काजू गजक ने मिटाई कसक 
जिसकी तमन्ना गजक 
केदार घाट की सीडी लपक 
चाट चटोरे 
शहर के बटोरे 
नारियल बाजार में सब मिलो रे 
स्वाद मैंने चखे 
थोड़ा तुम भी चखो रे
नाव गई गंगा में खाने हिलोरे 
गर कही न मिलू
घाट है चेत सिंह
मुझे वही मिलो रे 

घाटो पे सुबह सुहानी
गलियों की शाम दीवानी
तो क्यों पालू चिंता क्यों पालू तनाव 
खिड़की में गंगा गंगा में नाव 


: शशिप्रकाश सैनी 

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